भौगोलिक संकेत || GI Tag 2019 List in India

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GI Tag 2019 List in India
GI Tag 2019 List in India

GI Tag 2019 List in India || भौगोलिक संकेत (GI Tags) उत्पाद एवं संबंधित राज्य :- क्या है जीआई टैग ? किसी क्षेत्र या प्रांत को उनके विशेष उत्पादों को जियोग्रॉफिल इंडीकेशन टैग (जीआई टैग) के माध्यम से विशेष पहचान मिलती है। जैसे–कांजीवरम की साड़ी, दार्जिलिंग चाय, मलिहाबादी आम आदि।

भारत की दार्जिलिंग चाय को सबसे पहले 2004 में जीआई टैग मिला था।

GI Tag 2019 List in India

चेन्नई स्थित GI-डेटाबेस में आवेदन के बाद इसकी पुष्टि की जाती है। इसी के बाद ये अधिकार व्यक्तियों, उत्पादकों और संस्थाओं को मिल सकते हैं। ये टैग 10 सालों तक मान्य होता है। पहली बार साल 2004 में दार्जिलिंग चाय को ये टैग मिला।

भौगोलिक चिन्ह (संकेत) के लिए प्रावधान

  1. औद्योगिक संपत्ति के संरक्षण के लिए पेरिस कन्वेंशन के अंतर्गत बौद्धिक संपदा अधिकार (आईपीआर) को एक तत्व के रूप में शामिल किया गया है।
  2. भौगोलिक चिन्ह या संकेत का पंजीकरण, पंजीकृत स्वामित्व और अधिकृत उपयोगकर्ताओं का अधिकार प्रदान करता है।
  3. भौगोलिक चिन्ह या संकेत के उल्लंघन के संबंध में राहत प्राप्त करने का अधिकार।
  4. 1भौगोलिक चिन्ह या संकेत के पंजीकरण के बाद, उपयोग के लिए विशेष अधिकार प्रदान करता है।
  5. एक पंजीकृत भौगोलिक चिन्ह या संकेत के दो या अधिक अधिकृत उपयोगकर्ता के पास सह-समान अधिकार हो सकते हैं।

GI Tag 2019 List

भौगोलिक चिन्ह या संकेत और ट्रेडमार्क में अंतर

भौगोलिक चिन्ह या संकेत (जीआई) ट्रेडमार्क
यह दर्शाता है कि उत्पाद किसी विशेष स्थान / क्षेत्र से आता है। यह दर्शाता है कि उत्पाद एक विशेष उद्यम / कंपनी से आता है।
अधिकार का लाभ समुदाय/समुदाय सामुदायिक संघ को मिलता है = सामुदायिक अधिकार अधिकार केवल एक व्यक्ति / कंपनी = व्यक्तिगत अधिकार
“सामान” (भौतिक सामग्री) के लिए दिया जाता है। सामान (मोबाइल, पीसी आदि) या सेवा (जैसे संगीत, स्पा आदि) का होता है।

भौगोलिक चिन्ह या संकेत बाजार के दायरे को बढ़ाने एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इससे निर्यात और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलता है और इससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण यह अप्रत्यक्ष रूप से सतत विकास की ओर ले जाता है।

GI Tag List UPSC

दार्जिलिंग ग्रीन और व्हाइट टी चाय पश्चिम बंगाल नवंबर, 2019
पानडुम शॉल मिजोरम अगस्त, 2019
न्गोतेखेह शॉल मिजोरम अगस्त, 2019
हमराम शॉल मिजोरम अगस्त, 2019
पलानी पंचामिर्थम प्रसाद तमिलनाडु अगस्त, 2019
तवलोहपुआन शॉल मिजोरम अगस्त, 2019
मिजो पुआनचेई शॉल मिजोरम अगस्त, 2019
खोला मिर्च मिर्च गोवा अगस्त, 2019
तिरूर पान का पत्ता पत्ता केरल अगस्त, 2019
मखाना मखाना बिहार अक्टूबर, 2019
ओडिशा रसगुल्ला मिठाई ओडिशा जुलाई, 2019
कोल्हापुरी चप्पल चप्पल कर्नाटक व महाराष्ट्र जून, 2019
हिमाचली काला जीरा जीरा ओडिशा मई, 2019
चुली का तेल तेल हिमाचल प्रदेश मई, 2019
कन्धमाल हल्दी हल्दी ओडिशा अप्रैल, 2019
गुलबर्गा तुर दाल दाल कर्नाटक अगस्त, 2019
इदू मिश्मी कपड़ा अरुणाचल प्रदेश अगस्त, 2019
डिण्डीगुल ताले ताले तमिलनाडु अगस्त, 2019
कन्दांगी साड़ी साड़ी तमिलनाडु अगस्त, 2019
मरयूर गुड़ गुड़ केरल मार्च, 2019
तिरुभुवनम सिल्क साड़ी साड़ी तमिलनाडु मार्च, 2019
जीराफूल चावल चावल छत्तीसगढ़ मार्च, 2019
सिरसी सुपारी सुपारी कर्नाटक मार्च, 2019
चुनार बलुआ पत्थर पत्थर उत्तर प्रदेश मार्च, 2019
इरोड हल्दी हल्दी तमिलनाडु मार्च, 2019
कूर्ग अरेबिका कॉफी कॉफी कर्नाटक मार्च, 2019
वायनाड रोबस्टा कॉफी कॉफी केरल मार्च, 2019
चिकमगलूर अरेबिका कॉफी कॉफी कर्नाटक मार्च, 2019
अराकू वैली अरेबिका कॉफी कॉफी आंध्र प्रदेश व ओडिशा मार्च, 2019
बाबू बूदन गिरि अरेबिका कॉफी कॉफी कर्नाटक मार्च, 2019
पेठापुर ब्लॉक प्रिटिंग प्रिटिंग गुजरात मार्च, 2019
सिलाव खाजा मिष्ठान बिहार दिसंबर, 2018
सांगली ​हल्दी हल्दी महाराष्ट्र नवंबर, 2018
शाही लीची फल बिहार अक्टूबर, 2018
अल्फोन्सो आम फल महाराष्ट्र अक्टूबर, 2018
कतरनी चावल चावल बिहार मार्च, 2019
मगही पान का पत्ता पत्ता बिहार मार्च, 2019
जर्दालु आम फल बिहार मार्च, 2019
मधुबनी पेंटिंग पेंटिंग बिहार मार्च, 2019
श्री ​विल्लिपुथुर पलकोवा मिठाई तमिलनाडु सितंबर, 2019

 

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