जिस थाने में पिता हैं सिपाही, IPS बनकर वहीं पहुंचा अब बेटा, पिता ने फख़्र से किया सैल्यूट

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Motivational stories in hindi

Motivational stories in hindi:- किसी भी माता-पिता के जीवन का एक ही सपना होता है कि उनके बच्चे काबिल बने। इसी सपने को पूरा करने के चलते वो तमाम संघर्षो से गुजरते हुए अपने बच्चों की हर ख़ुशी को पूरा करते हैं और बच्चे जब काबिल बन जाते हैं तो वो बच्चों की नहीं बल्कि उससे कई ज्यादा उनके माता-पिता की जीत होती है। कुछ ऐसा ही ख़ुशी का लम्हा होगा शनिवार को जब अपने बेटे को आईपीएस के ओहदे पर देखकर सबसे पहले उसके पिता उसे फख़्र से सैल्यूट करेंगे।

IPS अनुप कुमार सिंह जब शनिवार को एस.पी. के रूप में अपना प्रभार सम्भालने के लिए विभूतिखण्ड पुलिस स्टेशन पहुँचेंगे तो वहाँ तैनात कॉन्स्टेबल जनार्दन सिंह के लिए वो पल बहुत ही यादगार और गर्व से भरा होगा और हो भी क्यों ना उनका बेटा उनके अधिकारी के रूप में उनके सामने होगा जो उनकी जिंदगीभर की मेहनत का परिणाम है।

जनार्दन को ख़ुशी तो बहुत हो रही है उनके लिए उनकी भावनाओं पर काबू रखना बेहद मुश्किल है। फिर भी अपनी भावनाओं पर काबू करते हुए जनार्दन सिंह ने बताया कि “उस समय वह पहले एक अधिकारी है, फिर मेरा बेटा। मैं उसे सलाम करूंगा जैसे मैं किसी अन्य अधिकारी को बधाई देता हूं। मैं उसके आदेशों का पालन करूंगा। मेरी पहली प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना होगा कि हमारा संबंध किसी भी तरह से हमारे काम को प्रभावित न करे।

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अनूप ने जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय दिल्ली से भूगोल में स्नातकोत्तर किया और उसके बाद कड़ी मेहनत से यूपीएससी की परीक्षा पास करके आईपीएस बने। अनूप 2014 – बैच के आईपीएस हैं जो लखनऊ में एस.पी. (उत्तर) के रूप में शामिल हुए।

अनूप बताते हैं कि “मेरे पिता हमेशा मेरी प्रेरणा रहे हैं। मेरा दिन सुबह उनके पैरों को छूने के साथ शुरू होता है। मैंने हमेशा उनके सिद्धांतों पर जीने की कोशिश की है। उन्होंने मुझे कभी भी पढ़ाई करने या खेलने से दूर रहने के लिए नहीं कहा बल्कि उन्होंने हमेशा कहा कि जो कुछ भी आप करते है वह पूरे मन से करें। यहां तक कि यदि आप माली बन जाते हैं, तो हर पौधे का ख्याल रखें बिलकुल उस तरह जैसे की वह आपका बच्चा हो।”

आगे बात करते हुए अनूप ने बचपन की यादों को ताजा करते हुए बताया कि “मुझे अभी भी याद है जब पापा मुझे और मेरी छोटी बहन मधु को अपने साइकिल पर बाराबंकी में स्थित हमारे स्कूल ले जाया करते थे। वित्तीय संकट के बावजूद उन्होंने कभी हमारी पढ़ाई नही रुकने दी पापा हमेशा मेरी स्कूल फीस समय पर भर दिया करते थे। “अनूप के परिवार में उनके पिता जनार्दन सिंह उनकी मां कंचन और उनकी पत्नी अंशुल और एक प्यारी एक साल की बेटी यशस्विनी है।

अनूप की माँ कंचन ने बताया कि “घर पर हम एक परिवार है यहाँ कोई एस.पी. या कांस्टेबल नहीं है। हमारे पास एक ही टेबल है जिस पर एक साथ हम सभी खाना खाते हैं।”

वाकई एक माता पिता के लिए यह बेहद गर्व का पल है जब उनके बेटे ने उनकी मेहनत को साकार कर दिखाया।

Source – kenfolios.com

6 COMMENTS

  1. Sanskaar van and Aadarsh van family ka blood in body of IPS Anoop Singh congratulations to his Father and mother

  2. Proud of father, anoop keep it up you are the example .
    Lots of cordial congrats to you& your family. Real asset to parents.

    Wish u a lovely progressive life.

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