MAJOR SOMNATH SHARMA / मेजर सोमनाथ शर्मा – प्रथम परमवीर चक्र विजेता

Uttarakhand’s and Country’s, Major Somnath Sharma was the first person who awarded by Paramveer Chakra. today we share about परमवीर चक्र विजेता के नाम 2020, परमवीर चक्र विजेता के नाम और जानकारी, परमवीर चक्र विजेता के नाम 2021, मेजर सोमनाथ शर्मा के हाथ में फ्रैक्चर कब आया था ?,  मेजर सोमनाथ शर्मा मराठी माहितीमेजर सोमनाथ शर्मा को बहादुरी का सबसे बड़ा पुरस्कार उनकी मृत्यु के

मेजर सोमनाथ शर्मा

No.-1. Download 15000 One Liner Question Answers PDF

No.-2. Free Download 25000 MCQ Question Answers PDF

No.-3. Complete Static GK with Video MCQ Quiz PDF Download

No.-4. Download 1800+ Exam Wise Mock Test PDF

No.-5. Exam Wise Complete PDF Notes According Syllabus

No.-6. Last One Year Current Affairs PDF Download

No.-7. Join Our Whatsapp Group

No.-8. Join Our Telegram Group

(Major Somnath Sharma biography in Hindi)

No.-1. जन्म :-  31 जनवरी, 1923

No.-2. मृत्यु :- 3 नवम्बर 1947

No.-3. मेजर सोमनाथ शर्मा का जन्म 31 जनवरी, 1923 को जम्मू में हुआ था। इनके पिता मेजर अमरनाथ शर्मा सेना में डॉक्टर थे। मेजर सोमनाथ की शुरुआती स्कूली शिक्षा अलग-अलग जगह होती रही, जहाँ इनके पिता की पोस्टिंग होती थी। लेकिन बाद में उनकी पढ़ाई शेरवुडा, नैनीताल में हुई। मेजर सोमनाथ बचपन से ही खेल कूद में रुचि रखते थे।

No.-4. सोमनाथ ने अपना सैनिक 22 फरवरी 1942 को इन्हें कुमाऊँ रेजिमेण्ट की चौथी बटालियन में सेकण्ड लेफ्टिनेण्ट के पद पर नियुक्ति मिली। इसी साल इन्हें डिप्टी असिस्टेण्ट क्वार्टर मास्टर जनरल बनाकर बर्मा (वर्तमान म्यामांर) मोर्चे पर भेजा गया। वहाँ इन्होंने बड़े साहस और कुशलता से अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया।

No.-5. 15 अगस्त, 1947 को भारत के स्वतन्त्र होते ही देश का दुखद विभाजन भी हो गया। जम्मू कश्मीर रियासत के राजा हरिसिंह असमंजस में थे। वे अपने राज्य को स्वतन्त्र रखना चाहते थे। दो महीने इसी कशमकश में बीत गये। इसका लाभ उठाकर पाकिस्तानी सैनिक कबाइलियों के वेश में कश्मीर हड़पने के लिए टूट पड़े।

No.-6. वहाँ सक्रिय शेख अब्दुल्ला कश्मीर को अपनी जागीर बनाकर रखना चाहता था। रियासत के भारत में कानूनी विलय के बिना भारतीय शासन कुछ नहीं कर सकता था। जब राजा हरिसिंह ने जम्मू कश्मीर को पाकिस्तान के पंजे में जाते देखा, तब उन्होंने भारत के साथ विलय पत्र पर हस्ताक्षर किये।

No.-7. इसके साथ ही भारत सरकार के आदेश पर सेना सक्रिय हो गयी। मेजर सोमनाथ शर्मा की कम्पनी को श्रीनगर के पास बड़गाम हवाई अड्डे की सुरक्षा की जिम्मेदारी दी गयी। वे केवल 100 सैनिकों की अपनी टुकड़ी के साथ वहाँ डट गये। दूसरी ओर सात सौ से भी अधिक पाकिस्तानी सैनिक जमा थे। उनके पास शस्त्रास्त्र भी अधिक थे; पर साहस की धनी मेजर सोमनाथ शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उनका आत्मविश्वास अटूट था। उन्होंने अपने ब्रिगेड मुख्यालय पर समाचार भेजा कि जब तक मेरे शरीर में एक भी बूँद खून और मेरे पास एक भी जवान शेष है, तब तक मैं लड़ता रहूँगा।

No.-8. दोनों ओर से लगातार गोलाबारी हो रही थी। कम सैनिकों और गोला बारूद के बाद भी मेजर की टुकड़ी हमलावरों पर भारी पड़ रही थी। 3 नवम्बर, 1947 को शत्रुओं का सामना करते हुए एक हथगोला मेजर सोमनाथ के समीप आ गिरा। उनका सारा शरीर छलनी हो गया। खून के फव्वारे छूटने लगे। इस पर भी मेजर ने अपने सैनिकों को सन्देश दिया जो इस प्रकार थे – “दुश्मन हमसे केवल पचास गज की दूरी पर है। हमारी गिनती बहुत कम रह गई है। हम भयंकर गोली बारी का सामना कर रहे हैं फिर भी, मैं एक इंच भी पीछे नहीं हटूंगा और अपनी आखिरी गोली और आखिरी सैनिक तक डटा रहूँगा।“  यह सन्देश देते हुए मेजर सोमनाथ शर्मा ने प्राण त्याग दिये।

No.-9. उनके बलिदान से सैनिकों का खून खौल गया। उन्होंने तेजी से हमला बोलकर शत्रुओं को मार भगाया। यदि वह हवाई अड्डा हाथ से चला जाता, तो पूरा कश्मीर आज पाकिस्तान के कब्जे में होता। मेजर सोमनाथ शर्मा को मरणोपरान्त ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया। शौर्य और वीरता के इस अलंकरण के वे स्वतन्त्र भारत में प्रथम विजेता हैं। सेवानिवृत्त सेनाध्यक्ष जनरल विश्वनाथ शर्मा इनके छोटे भाई हैं।

No.-10. नोट :- मेजर सोमनाथ शर्मा, उत्तराखण्ड व देश के पहले व्यक्ति थे जिन्हें 03 नवम्बर 1947 को ‘परमवीर चक्र’ से सम्मानित किया गया (मरणोपरान्त)।

No.-1. Download 15000 One Liner Question Answers PDF

No.-2. Free Download 25000 MCQ Question Answers PDF

No.-3. Complete Static GK with Video MCQ Quiz PDF Download

No.-4. Download 1800+ Exam Wise Mock Test PDF

No.-5. Exam Wise Complete PDF Notes According Syllabus

No.-6. Last One Year Current Affairs PDF Download

No.-7. Join Our Whatsapp Group

No.-8. Join Our Telegram Group

Leave a Comment

Your email address will not be published.

Scroll to Top