Farmer Sahdev Saharan All Five Daughters Become RAS Officer

गरीब किसान की 5 बेटियां, पांचों बनीं RAS ऑफिसर, 5वीं के बाद कभी नहीं गई स्कूल, घर पर रहकर पढाई की

Farmer Sahdev Saharan All Five Daughters Become RAS Officer :- म्हारी छोरियाँ छोरों से कम हैं के, फ़िल्म दंगल में आमिर खान के इस डॉयलॉग ने ख़ूब सुर्खियाँ बटौरीं थी और दर्शकों को यह काफ़ी पसंद आया था। इसी डॉयलॉग को असल ज़िन्दगी में सच कर दिखाया है राजस्थान की तीन बहनों ने, जिन्होंने RAS परीक्षा पास करने में सफलता हासिल की है।

 

किसान परिवार से ताल्लुक रखने वाली इन तीनों बहनों ने न सिर्फ़ राजस्थान प्रशासनिक सेवा में सफलता हासिल की, बल्कि लड़कियों को कम आंकने वाले समाज को आयना दिखाना के काम भी किया है। आइए जानते हैं उन बहनों के बारे में, जो बढ़ाएंगी सरकारी पद की शान-

 

5वीं के बाद नहीं गई स्कूल, फिर भी पास की परीक्षा

राजस्थान में हनुमानगढ़ नामक एक छोटा-सा गाँव है, जहाँ किसान और पशु पालकों की आबादी निवास करती है। ऐसे में इस गाँव में एक ही परिवार की तीन बेटियों ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की है, जबकि वह 5वीं कक्षा के बाद कभी स्कूल भी नहीं गई थी।

RAS परीक्षा में सफलता प्राप्त करने वाली तीनों लड़कियों का नाम अंशु, रितू और सुमन है, जो सगी बहनें हैं। उनके पिता सहदेव पेशे से किसान हैं और उनके पास इतने रुपए नहीं थे कि वह तीनों बेटियों को उच्च शिक्षा दे सकें।

 

ऐसे में अंशु, रितू और सुमन ने गाँव में मौजूद स्कूल में 5वीं कक्षा तक पढ़ाई पूरी की, लेकिन उससे आगे की पढ़ाई करवाने के लिए उनके पिता के पास रुपए नहीं थे। ऐसे में तीनों बहनों ने आपस में एक दूसरे की मदद लेकर पढ़ाई करना शुरू कर दिया और घर पर रहकर नेट और जेआरएफ की तैयारी की।

 

बड़ी बहनों से ली प्रेरणा, घर पर की परीक्षा की तैयारी

सहदेव सहारण की पांच बेटियाँ हैं, जिनमें से दो पहले से ही सरकारी विभाग में कार्यरत है। उनकी बड़ी बेटी झुंझुनूं में बीडीओ के पद पर तैनात है, जबकि दूसरी बेटी सहकारी सेवा में नौकरी कर रही है। ऐसे में अंशु, रितू और सुमन ने अपनी बड़ी बहनों से प्रेरणा लेकर सरकारी परीक्षा देने का फ़ैसला किया था।

 

तीनों बहनों ने साल 2018 में आयोजित राजस्थान प्रशासनिक सेवा परीक्षा में एग्जाम दिया था, जिसके नतीजे हाल ही में सामने आए हैं। अंशु, रितू और सुमन का RAS में चुनाव हो जाने पर घर में ख़ुशी की लहर है, क्योंकि बेटियों को बोझ मानने वाले समाज में लड़कियों ने सफलता का परचम लहराया है।

 

IFS अधिकारी ने ट्वीट कर दी बधाई

एक ही परिवार की तीनों बहनों का RAS में चुनाव हो जाना बहुत बड़ी सफलता है, वह भी तब जब उन्होंने 5वीं कक्षा के बाद स्कूल का मुंह तक न देखा हो। ऐसे में भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी प्रवीण कासवान ने ट्वीट कर अंशु, रितू और सुमन को परीक्षा पास करने पर बधाई दी।

 

उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा किसान सहदेव सहारण की पांचों बेटियाँ अब RAS अधिकारी हैं, कल अंशु, रितू और सुमन का चयन हुआ है। जबकि उनकी दो बेटियाँ पहले से RAS सेवा में है, यह उनके परिवार और गाँव के लिए गर्व का मौका है।

 

लड़कियों को न समझे बोझ

अंशु, रितू और सुमन ने सरकारी परीक्षा में पास होकर समाज को आयना दिखाने का काम किया है, जो लड़कियों को बोझ मानते हैं और गर्भ में ही उनकी हत्या कर देते हैं। आज लड़कियाँ किसी भी क्षेत्र में लड़कों से पीछे नहीं है और यह तीनों बहनें इस बाद का उदाहरण पेश करती हैं।

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