Economics In Hindi Notes

अर्थशास्त्र क्या है? व उसके प्रकार, परिभाषा, उदाहरण | Economics In Hindi Notes

अर्थशास्त्र और अर्थव्यवस्था क्या है? (Economy and Economics in Hindi Notes) – अर्थशास्त्र की उत्पत्ति के साथ अर्थशास्त्रियों (economists) द्वारा परिभाषित सम्पूर्ण अर्थशास्त्र की परिभाषा (definition), उदाहरण एवं अर्थशास्त्र के प्रकार (types of economics) दी गई है। भारतीय अर्थव्यवस्था संबंधी प्रश्न-उत्तर (प्रश्नोत्तरी) | Economics questions and answers (Economics mcq) नीचे इस प्रकार है।

अर्थशास्त्र (Economics) क्या है?

No:1. अर्थशास्त्र, वह शास्त्र है, जिसमें मनुष्य के उन कार्यो का अध्ययन किया जाता है। जिन्हें वे अपनी असीमित आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सीमित साधनों अर्थात् धन को प्राप्त करने के संबंध में करता है। Economics In Hindi Notes
No:2. ग्रीक भाषा के दो शब्द ‘Oiks‘ (घरेलू) और ‘Nemenien‘ (प्रबंधन) से मिलकर बना है। इस ग्रीक शब्द को हिन्दी में ‘गृहस्थी प्रबंधन‘ कहते हैं। अर्थात सन्धि विच्छेद करने पर यह दो शब्द –
अर्थ = धन
शास्त्र = वैज्ञानिक अध्ययन
अर्थ + शास्त्र = अर्थशास्त्र (धन का विज्ञान/विज्ञानिक अध्ययन)
अर्थशास्त्र के पिता/अर्थशास्त्र के जनक कौन है?
‘एडम स्मिथ‘ (1723 से 1790) को सर्वप्रथम अर्थशास्त्र को परिभाषित करने के कारण उन्हें ‘अर्थशास्त्र का जनक’ (Father of Economics) कहा जाता है। सन् 1776 में एडम स्मिथ ने अपनी पुस्तक ‘The Wealth of Nations’ कहा।

अर्थशास्त्र की परिभाषा | Definition of Economics

अर्थशास्त्रियों (Economists) ने अर्थशास्त्र को निम्न प्रकार से परिभाषित किया है –
‘सामाजिक विज्ञान की वह शाखा, जिसमें वस्तुओं और सेवाओं के उत्पादन के विनिमय, वितरण एवं उपभाग का अध्ययन किया जाता है‘

No:1. धन संबंधी परीभाषा –

प्रसिद्ध अर्थशास्त्री एडम स्मिथ ने प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘An Enquiry into the Nature and the Causes of the Wealth of Nations‘ में अर्थशास्त्र को धन का विज्ञान माना है।

No:2. भौतिक कल्याण संबंधी परिभाषा –

डाॅ. एल्फ्रेड मार्शल ने 1890 में प्रकाशित अपनी पुस्तक अर्थशास्त्र के सिद्धांत (Principles of Economics) में अर्थशास्त्र की कल्याण संबंधी परिभाषा देकर इसको लोकप्रिय बना दिया।

No:3. दुर्लभता संबंधी परिभाषा –

ब्रिटेन के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री लार्ड राबिन्स ने 1932 में प्रकाशित अपनी पुस्तक ‘An Essay on the Nature and Significance of Economics Science‘ में अर्थशास्त्र को दुर्लभता का सिद्धांत माना है। इस संबंध में उनका मत है कि मानवीय आवश्यकताएं असीमित है तथा उनको पूरा करने के साधन सीमित है।

No:4. विकास संबंधी परिभाषा –

आधुनिक अर्थशास्त्री प्रो. सैम्यूल्सन (Prof. Samuelson) ने अर्थशास्त्र को विकास (Science of Growth) का शास्त्र कहा है।
इस प्रकार एडम स्मिथ की परिभाषा से धन, मार्शल की परिभाषा से दुर्लभता और सैम्यूअलसन की परिभाषा से आर्थिक विकास। इन सब अवधारणों को मिलाकर एक अच्छी अर्थशास्त्र की परिभाषा बनायी जा सकती है।
“अर्थशास्त्र वह शास्त्र है, जिसमें की आवश्यकताओं की अधिकतम संतष्ट करने या कल्याण बढ़ाने तथा आर्थिक विकास के लिए अनेक उपयोगों वाले सीमित साधनों के कुशलतम उपभोग, उत्पादन तथा विनिमय से संबंधित कार्यो का अध्ययन किया जाता है।”

अर्थशास्त्र के प्रकार | Types of Economics

अॄर्थशास्त्र (Economics) यह मानव की आर्थिक गतिविधियों का अध्ययन करता है।
अर्थशास्त्र एक विषय है- व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics) एवं समष्टि अर्थव्यवस्था (Macroeconomics)
अर्थशास्त्र के दो प्रकार होते है (types of economics) –
No:1. व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics)
No:2. समष्टि अर्थशास्त्र (Macroeconomics)
No:3. व्यष्टि अर्थशास्त्र (Microeconomics)

No:1. व्यष्टि अर्थशास्त्र क्या है? (Microeconomics in Hindi)

इसके अंतर्गत वैयक्तिक इकाईयों जैसे– व्यक्ति, परिवार, फर्म, उद्योगों एवं अनेक वस्तुओं व सेवाओं की कीमत आदि का अध्ययन व विश्लेषण किया जाता है।
उपभोक्ता का सिद्धांत
उत्पादक व्यवहार सिद्धांत
कीमत निर्धारण
कल्याण अर्थशास्त्र
इसके अंतर्गत यह जानने का प्रयास किया जाता है कि बाजारों में व्यक्तियों की अंतःक्रिया द्वारा वस्तुओं तथा सेवाओं की मात्राओं और कीमते किस प्रकार से निर्धारित होती है।
उदाहरण (Example)– मांग एवं पूर्ति

No:2. समष्टि अर्थशास्त्र  (Macroeconomics)

समष्टि अर्थशास्त्र क्या है? (Macroeconomics in Hindi) – समष्टि अर्थशास्त्र के अंतर्गत अर्थव्यवस्था का संपूर्ण रूप अध्ययन किया जाता है। जैसे– कुल राष्ट्रीय आय, कुल उपभोग, कुल मांग, कुल पूर्ति, कुल बचत, कुल विनियोग और रोजगार इत्यादि।
राष्ट्रीय आय तथा रोजगार
राजकोषिय तथा मौद्रिक नीतियां
अपस्फीर्ति तथा स्फीति
सरकारी बजट
निमय दर और भुगतान शेष
इसके अंतर्गत कुल निर्गत, रोजगार तथा समग्र कीमत स्तर आदि समग्र उपायों पर अपना ध्यान केन्द्रीत करते हुए पुरी अर्थव्यवस्था को समझने का प्रयास करते हैं।
उदाहरण (Example)– सकल घरेलू उत्पाद, भुगतान संतुलन, बजट इत्यादि।

No:3. अर्थव्यवस्था (Economy) क्या है?

यह किसी देश या क्षेत्र विशेष में अर्थशास्त्र का गतित चित्र होता है यह किसी विशेष अवधि का होता है। अर्थव्यवस्था इस विषय का किसी क्षेत्र विशेष में सक्रिय स्वरूप है।
उदाहरण (Example)– भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy), चीन अर्थव्यवस्था (China Economy) इत्यादि।
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